दुबई की ऊँचाइयों में भारतीयों की मेहनत का योगदान — नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद का बयान

Dubai ki chamak ke peeche hamare logon ka pasina - Chandra Shekhar Aazad
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दुबई की ऊंची-ऊंची इमारतों को जब भी कोई देखता है — बुर्ज खलीफा जैसी गगनचुंबी इमारतें, सोने-सी चमचमाती सड़कें, मॉल्स में बिकती महंगी चीज़ें — तो शायद ही कोई ये सोचता होगा कि इस चमक के पीछे किसका पसीना बहा है।

नगीना के सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने अपने फेसबुक पोस्ट के माध्यम से इसी सच्चाई को शब्दों में पिरोया। उन्होंने लिखा कि दुबई के इन सपनों के शहर को खड़ा करने में हमारे अपने लोगों का खून-पसीना शामिल है। भारत के वे दलित और पिछड़े वर्ग के बेटे, जिन्हें अपने ही देश में अछूत माना गया, उन्होंने ही जाकर दुबई को संवारा है। कोई मजदूर बना, कोई क्लीनर, कोई ड्राइवर या वॉचमैन।

तेज़ धूप में खड़े होकर इन मेहनतकश लोगों ने ईंट से ईंट जोड़कर इमारतें खड़ी कर दीं। बुर्ज खलीफा जैसी ऊंचाइयों में हमारे ही लोगों के मेहनती हाथों की छाप है। नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने कहा कि हमें ये कभी नहीं भूलना चाहिए कि इन ऊंची-ऊंची इमारतों के पीछे हमारे लोगों का पसीना छुपा है।

उन्होंने यह पोस्ट गुरु रविदास सभा, यूएई द्वारा आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के अवसर पर साझा किया। यह कार्यक्रम भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषितों, वंचितों और महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान के प्रतीक, विश्व रत्न, परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में नगीना सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ने भारतीय प्रवासी समुदाय के बीच पहुंचकर बाबा साहेब के विचारों को साझा किया और उनके आदर्शों को याद किया।

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