मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, ग्वालियर खंडपीठ में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की प्रतिमा स्थापित करने का अनुरोध किया गया था। यह अनुरोध अंबेडकरवादी वकीलों द्वारा किया गया, जिसे 19 मार्च 2025 को माननीय मुख्य न्यायाधीश ने मंजूरी दी। कोर्ट ने साफ कहा कि बाबा साहेब की प्रतिमा उच्च न्यायालय में स्थापित की जा सकती है।
हालांकि, कुछ लोगों ने प्रतिमा स्थापना का विरोध करने की कोशिश की। इसके बावजूद, 26 मार्च 2025 को मुख्य न्यायाधीश ने आदेश दिया कि विरोध को नजरअंदाज कर कार्य को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह काम सुप्रीम कोर्ट में लगी प्रतिमा की तरह ही किया जाना चाहिए।
इस मुद्दे को लेकर नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद ( Nagina MP Chandra Shekhar Aazad) ने सबसे पहले अपनी सोशल मीडिया पोस्ट पर शेयर करते हुए बताया की उन्होंने 14 और 18 मई को ट्वीट कर इस विषय में जानकारी दी थी और 27 मई को सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भी लिखा था। इसके अलावा, 31 मई को दिल्ली में राष्ट्रीय अधिवक्ता सम्मेलन के दौरान 11 जून को ग्वालियर में बड़ी सभा करने की घोषणा भी की गई है।




