बिजनौर जिले में पुलिस पार्टी पर फायरिंग करने के मामले में न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी-2) की अदालत ने आरोपी फुरकान को 5 साल की सश्रम कैद और 7,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
यह मामला 6 जून 2018 का है, जब फुरकान ने अपने साथियों के साथ मिलकर थाना नगीना क्षेत्र में पुलिस टीम पर तमंचे से फायरिंग कर दी थी। इस फायरिंग में कांस्टेबल अब्दुल गफ्फूर के हाथ में गोली लग गई थी। घटना के बाद पुलिस ने धारा 307/34 IPC और धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
फुरकान, जो कि मूल रूप से गांव रसूलपुर का निवासी है और वर्तमान में छोटा गजरौला (शिव कोतवाली क्षेत्र) में रह रहा था, को अदालत ने दोषी करार दिया। पुलिस और अभियोजन विभाग ने इस केस की कोर्ट में सख़्त पैरवी की, जिसके आधार पर अदालत ने उसे सज़ा सुनाई।
न्यायालय के इस निर्णय से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। स्थानीय पुलिस प्रशासन ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे अपराध पर नकेल कसने की दिशा में एक अहम क़दम बताया है।



