नागिना से सांसद और भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आज़ाद ने बहराइच जिले के पयागपुर क्षेत्र में हुए सफाईकर्मी रामगोपाल की हत्या के मामले में पुलिस प्रशासन और राज्य सरकार पर सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने फेसबुक हैंडल पर पोस्ट जारी करते हुए कहा कि 24 मई 2025 से लापता सफाईकर्मी रामगोपाल का शव 26 मई को मक्कापुरवा में संदिग्ध अवस्था में मिला, लेकिन 10 दिन बीत जाने के बावजूद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। यह संवेदनहीनता नहीं, बल्कि सीधा अन्याय है।
सांसद चंद्रशेखर ने सवाल उठाया कि जब BNSS स्पष्ट रूप से कहता है कि गंभीर अपराध की सूचना पर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है, तो रामगोपाल की हत्या पर अब तक पुलिस क्यों मौन है? उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूछा, “क्या बहुजन समाज के लोगों को न्याय के लिए भी भीख माँगनी पड़ेगी?” साथ ही यह भी कहा कि अगर एक सफाईकर्मी की हत्या के बाद भी पुलिस चुप है, तो यह कानून नहीं, बल्कि लाचारी का शासन है।
चंद्रशेखर आज़ाद ने सरकार से छह प्रमुख मांगें की हैं – रामगोपाल की हत्या का केस तत्काल दर्ज किया जाए, SC/ST एक्ट और BNSS की धाराओं के तहत सख्त कार्रवाई हो, स्वतंत्र जांच हो, दोषियों की गिरफ्तारी की जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और मुआवजा दिया जाए और एफआईआर न दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए। नागिना सांसद ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो इस मुद्दे को संसद तक ले जाया जाएगा।




